स्वर विज्ञान शिव स्वरोदय

स्वर विज्ञान शिव स्वरोदय स्वरयोग

।।ॐ नमः शिवाय:।। स्वर विज्ञान शिव स्वरोदय – स्वरयोग हमारे पुरातन विद्वानों की अनुपम देन है। यह एक ऐसा आश्चर्यजनक एवं चमत्कारिक विज्ञान है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार भिन्न-भिन्न विधाओं का जनक भगवान शिव को माना गया है जो कि भगवान शिव के द्वारा माता पार्वती के पूछने पर पहली बार प्रकट हुआ। जिसे शिव-स्वरोदय भी … Read more

माँ लक्ष्मी की आराधना

माँ लक्ष्मी को रूठने पर मानाने के उपाय

  माँ लक्ष्मी की आराधना  – हिंदी पंचांग के अनुसार के अनुसार इस वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन के दिन ही माँ लक्ष्मी जयंती का पर्व भी मनाया जायेगा। मुख्यतः यह पर्व दक्षिण भारत की तरफ अधिक मनाया जाता है।  हिन्दू पंचांग के अनुसार हर वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि … Read more

आध्यात्म क्या है?(Spirituality) आध्यात्मिक और आध्यात्मिकता का अर्थ क्या है?

आध्यात्म क्या है?,(Spirituality)

  आध्यात्म क्या है?(Spirituality)  आध्यात्म क्या है?(Spirituality)  आध्यात्म का शाब्दिक अर्थ है – आत्मा के अध्यन को आध्यात्म कहते है यानी स्वयं का अध्यन, अपने आप को आत्म-सात कर लेना यानी स्वयं का ज्ञान होना यदि आप को स्वयं का ज्ञान हो तो आप को ज्ञान हो जायेगा की आप क्या हैं और आपको कैसे … Read more

पितृ पक्ष श्राद्ध 2023: कब से शुरु है पितृ पक्ष श्राद्ध में कैसे करें तर्पण

पितृ पक्ष श्राद्ध 2023

पितृपक्ष में तर्पण विधि

पितृपक्ष के दौरान प्रतिदिन पितरों के लिए तर्पण करना चाहिए। तर्पण करने की तिथि जिस दिन आपके पितरों के देहांत तिथि हो या अन्तेष्ठी तिथि श्राद्ध में पड़े उसी दिन उस पितृ का श्राद्ध का दिन माना जाता है किसी पंडित या पुरोहित से श्राद्ध के दिन तर्पण के लिए आपको कुश, अक्षत्, जौ और काले तिल का उपयोग करना चाहिए। उसके उपरांत पंडित जी को भोजन कराकर श्रद्धा अनुसार दक्षिणा देनी चाहिये। तर्पण करने के बाद पितरों से प्रार्थना करें, आशीर्वाद लें, और गलतियों के लिए क्षमा मांगें।

गणेश चतुर्थी 2023

       गणेश चतुर्थी 2023 गणेश चतुर्थी मंगलवार, सितम्बर 19, 2023 को    मध्याह्न  गणेश पूजा मुहूर्त – 11:01 ए एम से 01:28 पी एम अवधि – 02 घण्टे 27 मिनट्स            गणेश विसर्जन बृहस्पतिवार, सितम्बर 28, 2023 अनंत चतुर्दशी को                                   … Read more

कृष्ण जन्माष्टमी 2023, श्री कृष्ण जयन्ती योग, इस्कॉन कृष्ण जन्माष्टमी

कृष्ण जन्माष्टमी 2023, श्री कृष्ण जयन्ती योग, इस्कॉन कृष्ण जन्माष्टमी

कृष्ण जन्माष्टमी 2023 – का पर्व देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है अब देश में ही नहीं बल्कि भारत देश से बाहर समूचे विश्व में रहने वाले हिन्दू व अन्य कृष्ण भक्त संस्थाए भी श्री कृष्ण जन्माष्टमी को बहुत ही उत्साह के साथ मनाते है इस दिन भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा … Read more

स्वर विज्ञान के चमत्कार इडा, पिंगला व सुषुम्ना नाडी

स्वर विज्ञान शिव स्वरोदय स्वरयोग

स्वर विज्ञान के चमत्कार  स्वर विज्ञान एक प्राचीन विद्या है इसे कई नामो से जाना जाता है। जैसे शिव स्वरोदय, स्वर शास्त्र, स्वर विद्या आदि नमो से जाना जाता है इडा नाडी, पिंगला नाडी, सुष्मना नाडी इत्यादि से जाना जाता है। इस विद्या में ब्रह्माण्ड, खंड, पिंड आदि  के बारे में समझ सकते हैं। स्वर विद्या को स्वयं महेश्वर महाकाल का स्वरुप  माना जाता है। स्वर मतलब हमारा स्वास जो अन्दर जा रहा है। और बाहर निकाल रहा है। यह बहुत व्यापक है। की स्वर क्या है शिवस्वरोदय में  इडा (बाई नासिका) अथवा पिंगला (दाई नासिका) का चलना अथवा दोनों का साथ चलना (सुषुम्‍ना)  स्वर विज्ञान के चमत्कार के बारे में बताया है अगर इडा,पिंगला और सुषमना का ध्यान नियमो के अनुसार कार्य करें तो हम आसानी से अपने कार्यो में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। यह ज्ञान व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पंहुचा सकता है।

चक्रों का विज्ञान, चक्रों को जागृत करने विस्तृत की विधि

चक्रों का विज्ञान, चक्रों को जागृत करने विस्तृत की विधि

चक्रों का विज्ञान, चक्र जागृत करने विस्तृत की विधि – क्या यह संभव है की एक साधारण इंसान असाधारण ऊर्जा(पावर्स) को प्राप्त कर सकता अगर हां तो कैसे? आपने शरीर में सात चक्रों के बारे में तो सुना है – मूलाधार चक्र – नींद-आराम, भोजन –    मंत्र- लं स्वाधिष्ठान चक्र – जीवन प्रवाह, दुःख … Read more

Kawad Yatra 2023 हरिद्वार से ही क्यों जल उठाते हैं कांवडिय़ें, जानें कांवड़ यात्रा का महत्व

श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व होता है। 4 जुलाई 2023 से सावन की शुरुआत हो रही है। श्रावण में भगवान् शिव को जल चढ़ाने और सोमवार का व्रत करने से महादेव भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पुरी करतें हैं। इस साल का सावन बहुत ही खास है। अधिकमास होने से … Read more

पंचतत्त्व क्या हैं‌‍‌? पंचतत्त्व का महत्व, पंचतत्त्व का जीवन में उपयोग

पंचतत्त्व क्या हैं‌‍‌? पंचतत्त्व का महत्व, पंचतत्त्व का जीवन में उपयोग

पंचतत्त्व क्या हैं‌‍‌? पंचतत्त्व का महत्व, पंचतत्त्व का जीवन में उपयोग- आधुनिक विज्ञान के अनुसार दो या दो से अधिक तत्व आपस मैं मिलकर यौगिक बनाते है। लेकिन प्राचीन वेदान्त में यौगिक की अवधारणा नहीं है अपितु इसके अनुसार एक तत्व ही दुसरे तत्व की उत्पत्ति का कारक होता है अर्थात वस्तुओं के प्रारंभिक तथा … Read more